महाभारत न्यूज़ एक्सक्लूसिव : अवधभूमि ओपिनियन पोल 2025

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बेरोजगारी का डर ‘जंगलराज’ के डर पर भारी – एनडीए की जमीन खिसकती दिखी, तेजस्वी की बढ़त स्पष्ट
📅 तारीख: 4 नवंबर 2025
📍 स्थान: पटना / नई दिल्ली ब्यूरो
📰 स्रोत: अवधभूमि रिसर्च नेटवर्क
📊 सैंपल साइज: 52 हजार (38 जिलों में सर्वे)
🗓️ सर्वे अवधि: 18 से 30 अक्टूबर 2025
🔥 मुख्य निष्कर्ष
- बेरोजगारी ने जंगलराज के डर को पछाड़ा:
युवाओं और शिक्षित वर्ग में यह धारणा गहराई है कि “तेजस्वी यादव ने 17 महीने में रोजगार को मुख्य मुद्दा बनाया, जबकि नीतीश सरकार ठहरी रही।” - महिलाओं में बराबरी की टक्कर:
नीतीश कुमार “महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण” पर जोर दे रहे हैं, मगर तेजस्वी की नौकरी और स्कॉलरशिप योजनाएं महिला युवाओं के बीच असर डाल रही हैं। - राहुल गांधी का प्रचार असरदार:
सर्वे के अनुसार राहुल गांधी की सभाओं और रोड शो से महागठबंधन को लगभग 5% पॉजिटिव वोट ग्रोथ मिली है।
विशेष रूप से सीवान, गोपालगंज, छपरा, गया और मधुबनी जैसे जिलों में राहुल की सभाओं के बाद युवा और अल्पसंख्यक वोटरों में उत्साह बढ़ा है। - प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का प्रचार उल्टा पड़ा:
भाजपा के लिए की गई हाई-वोल्टेज सभाओं से एनडीए को -2.5% से -3% तक का निगेटिव स्विंग दर्ज हुआ।
कारण: बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय मुद्दों की अनदेखी पर जनता में नाराजगी। - एनडीए में नेतृत्व संकट बरकरार:
एनडीए समर्थकों के बीच सवाल – “नीतीश के बाद कौन?”
📊 पार्टीवार अनुमानित प्रदर्शन (कुल 243 सीटें)
गठबंधन / पार्टी अनुमानित सीटें 2020 सीटें संभावित वोट प्रतिशत महागठबंधन (RJD + कांग्रेस + वाम + VIP + P&T)138–152 110 48.5% (+5% स्विंग)एनडीए (JDU + BJP + HAM + RLJP)80–95 125 42.0% (-3% स्विंग)जन सुराज (प्रशांत किशोर)10–15 0 5.5%अन्य (स्वतंत्र / छोटे दल)3–5 8 4.0%
🟢 महागठबंधन स्पष्ट बढ़त में, राहुल गांधी के कैम्पेन से वोट ग्रोथ और तेजस्वी के नेतृत्व में मजबूती।
🧮 जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण
वर्ग महागठबंधन का झुकाव एनडीए का झुकाव टिप्पणी यादव, दलित, पिछड़ा वर्ग 60–65% 25–30% तेजस्वी को भारी समर्थन ऊँची जातियाँ 20–25% 65–70% भाजपा को स्थायी लाभ अति पिछड़ा वर्ग (EBC) 45–50% 45% मुकाबला बराबर मुस्लिम 85% 5% राहुल गांधी का असर महिला मतदाता 50–48% 48–46% कांटे की टक्कर
📌 EBC और महिला वोटर निर्णायक भूमिका में।
💬 मुद्दे जिन पर जनता वोट तय कर रही है
मुद्दा प्राथमिकता किसे लाभ बेरोजगारी 38% RJD / तेजस्वी भ्रष्टाचार 21% दोनों को नुकसान महंगाई 15% विपक्ष को लाभ कानून-व्यवस्था 10% एनडीए को आंशिक फायदा शिक्षा / पलायन 8% तेजस्वी और राहुल गांधी
🧭 राजनीतिक विश्लेषण
- राहुल गांधी का बिहार दौरा महागठबंधन के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
जहाँ राहुल के रोड शो हुए, वहाँ महागठबंधन को औसतन 5% अधिक वोट इंटेंट मिला। - प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की सभाएँ बेरोजगारी व महंगाई के सवालों को शांत नहीं कर सकीं।
जनता ने कहा — “प्रचार नहीं, रोजगार चाहिए।” - तेजस्वी यादव का रोजगार मॉडल नीतीश-मोदी जोड़ी पर भारी पड़ा।
- जन सुराज 10–12 सीटों पर समीकरण बिगाड़ सकता है, खासकर सारण और मिथिलांचल में।
📈 निष्कर्ष (Election Mood 2025)
गठबंधन संभावित सीटें वोट प्रतिशत ट्रेंड महागठबंधन 145 ± 7 48.5% 🔼 सकारात्मक वृद्धि एनडीए 88 ± 6 42.0% 🔽 नकारात्मक वृद्धि जन सुराज 10–12 5.5% ⬆️ सीमित प्रभाव अन्य 3–5 4% स्थिर
🗳️ निष्कर्ष:
बिहार का जनमत “रोजगार बनाम प्रचार” की लड़ाई में बंट गया है।
राहुल गांधी का जमीनी प्रचार महागठबंधन को नया ऊर्जा दे रहा है,
जबकि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बार-बार दौरे के बावजूद एनडीए की पकड़ ढीली पड़ रही है।
⚠️ डिस्क्लेमर:
यह सर्वे महाभारत न्यूज़ को अवधभूमि रिसर्च नेटवर्क द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा पर आधारित है। यह रिपोर्ट केवल जनमत प्रवृत्ति को दर्शाती है — वास्तविक चुनाव परिणाम इससे भिन्न हो सकते हैं।
